आयकर विभाग ने बिना ऑडिट श्रेणी वाले व्यापारियों, फ्रीलांसर्स, कंसल्टेंट्स और फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडर्स को चेतावनी दी है कि वे 31 अगस्त की मध्यरात्रि 12 बजे तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR-3) अनिवार्य रूप से ई-फाइल कर दें। जिन करदाताओं की आय व्यवसाय या पेशेवर स्रोतों से आती है और जो प्रिजंप्टिव टैक्स स्कीम का विकल्प नहीं चुन रहे हैं, उनके लिए यह डेडलाइन बेहद महत्वपूर्ण है। अंतिम घंटों में पोर्टल पर भारी ट्रैफिक के कारण तकनीकी खामियों से बचने के लिए तुरंत ई-फाइलिंग प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
ITR-3 मुख्य रूप से उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) के लिए लागू होता है, जिनकी आय किसी व्यापारिक लाभ, साझेदारी फर्म में पार्टनर वेतन, या एफएंडओ तथा इंट्राडे ट्रेडिंग से होती है। समय सीमा चूक जाने पर करदाताओं को कई बड़े वित्तीय नुकसानों का सामना करना पड़ सकता है। धारा 234F के तहत 31 अगस्त के बाद बिलेटेड रिटर्न दाखिल करने पर ₹5,000 तक का विलंब शुल्क देना होगा, जबकि ₹5 लाख से कम वार्षिक आय वालों के लिए यह जुर्माना ₹1,000 रहेगा।
समय पर रिटर्न दाखिल न करने से व्यापारिक नुकसान (F&O Loss) को आगामी वर्षों में कैरी-फॉरवर्ड (Carry Forward) करने का अवसर भी समाप्त हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, बकाया कर राशि पर धारा 234A के अंतर्गत 1% प्रति माह की दर से दंडात्मक ब्याज देना होगा। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि करदाता अपना फॉर्म 26AS और एआईएस (AIS) जांच कर बिना किसी त्रुटि के 12 बजे से पहले प्रक्रिया पूरी करें ताकि लेट फीस से बचा जा सके।