भारत सरकार ने नए साल के पहले दिन तंबाकू और सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर स्मोकिंग करने वालों को बड़ा झटका दिया है। 1 फरवरी 2026 से लागू होने वाले इस फैसले के बाद सिगरेट की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है। दिलचस्प बात यह है कि इस बार टैक्स सिगरेट की लंबाई के आधार पर तय किया जाएगा—यानी सिगरेट जितनी लंबी होगी, जेब उतनी ही ज्यादा ढीली होगी।
लेकिन इस घरेलू बदलाव के बीच एक बड़ा सवाल उन यात्रियों के मन में रहता है जो विदेश यात्रा से लौटते वक्त अपने साथ शराब या सिगरेट लाना चाहते हैं। एयरपोर्ट पर 'ड्यूटी-फ्री' (Duty-Free) दुकानों का आकर्षण अक्सर यात्रियों को खरीदारी के लिए मजबूर कर देता है, लेकिन कस्टम नियमों की जानकारी न होना भारी पड़ सकता है।
विदेश से सिगरेट लाने के नियम: कितनी है लिमिट?
भारतीय कस्टम (Customs) नियमों के अनुसार, हर यात्री को एक निश्चित मात्रा में तंबाकू उत्पाद 'ड्यूटी-फ्री' यानी बिना किसी अतिरिक्त टैक्स के लाने की अनुमति होती है।
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सिगरेट: आप अपने साथ अधिकतम 100 सिगरेट ला सकते हैं।
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सिगार: सिगार के शौकीनों के लिए यह लिमिट 25 सिगार तक सीमित है।
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तंबाकू: अगर आप खुला तंबाकू ला रहे हैं, तो 125 ग्राम तक की अनुमति है।
क्या होगा अगर लिमिट पार हुई? यदि आप इस तय सीमा से अधिक सिगरेट या तंबाकू लाते हैं, तो उस पर 100% बेसिक कस्टम ड्यूटी और अतिरिक्त सेस देना पड़ता है। आसान शब्दों में कहें तो, लिमिट से ज्यादा सिगरेट लाने पर उसकी कीमत भारत में दोगुनी से भी अधिक हो जाती है।
शराब और बीयर: शौकीनों के लिए सख्त गाइडलाइंस
अक्सर लोग ड्यूटी-फ्री शॉप से महंगी व्हिस्की या वाइन की बोतलें खरीदते हैं। लेकिन यहां भी नियमों का कड़ा पहरा है:
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ड्यूटी-फ्री लिमिट: एक वयस्क यात्री अपने साथ अधिकतम 2 लीटर तक शराब (वाइन या स्पिरिट) ला सकता है।
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व्हिस्की पर टैक्स: अगर आपके पास 2 लीटर से ज्यादा व्हिस्की है, तो अतिरिक्त मात्रा पर 150% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 4% एडिशनल कस्टम ड्यूटी (ACD) लगती है। व्हिस्की पर सेस नहीं लगाया जाता।
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बीयर के नियम: लिमिट से ज्यादा बीयर लाने पर 100% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 3% एजुकेशन सेस देना अनिवार्य है। महत्वपूर्ण बात: कई यात्रियों को लगता है कि उन्होंने अगर एयरपोर्ट की ड्यूटी-फ्री शॉप से सामान खरीदा है, तो वह इस लिमिट में नहीं गिना जाएगा। लेकिन हकीकत यह है कि आपकी कुल खरीदारी (बैगेज + शॉप से खरीदी गई शराब/सिगरेट) को ही टोटल लिमिट के तौर पर देखा जाता है।
निष्कर्ष: समझदारी में ही भलाई
सरकार द्वारा 2026 में बढ़ाए गए टैक्स का उद्देश्य स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और राजस्व बढ़ाना है। वहीं, कस्टम नियमों को सख्त रखने का कारण देश के भीतर तस्करी को रोकना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को संतुलित करना है।
यदि आप भी 2026 में विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले इन नियमों को जरूर याद रखें। तय सीमा के भीतर सामान लाना आपके सफर को सुखद बना सकता है, वरना एयरपोर्ट पर चुकाई जाने वाली भारी-भरकम ड्यूटी आपकी यात्रा का बजट बिगाड़ सकती है।