पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच थम चुका तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थित ईरान के सामरिक लारक द्वीप (Larak Island) पर हवाई कार्रवाई किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच सीधी सैन्य झड़पें तेज हो गई हैं। अमेरिका का दावा है कि उसने समुद्र में बारूदी सुरंगे (sea mines) बिछाने की तैयारी कर रहे दो ईरानी रॉकेट लॉन्चरों को सटीक निशाना बनाकर नष्ट कर दिया है।
इस अमेरिकी कार्रवाई के प्रतिशोध में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें और घातक ड्रोन दागे। हालांकि, जॉर्डन की सेना और अमेरिकी रक्षा प्रणालियों ने अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली आठ मिसाइलों को बीच में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट करने का दावा किया है। इस जवाबी हमले के बाद क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सशस्त्र बलों को उच्च अलर्ट पर रखा गया है।
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ सोशल' पर एक एनिमेटेड वीडियो साझा करते हुए ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र 'खार्ग द्वीप' को पूरी तरह तबाह (Blow to smithereens) करने का दावा किया। हालांकि, विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप द्वारा शेयर किया गया वीडियो संभवतः एआई-जनरेटेड (AI-generated) सिमुलेशन है। व्हाइट हाउस ने खार्ग द्वीप पर सीधे अमेरिकी हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इस ताजा सैन्य टकराव के कारण वैश्विक तेल बाजार और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही को लेकर दोबारा चिंताएं बढ़ गई हैं।