बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल अपनी दमदार अदाकारी और चुलबुले अंदाज के लिए जानी जाती हैं। अब एक्ट्रेस शिवानी रघुवंशी ने भी उनके साथ कामकरने का अनुभव साझा किया है। शॉर्ट फिल्म 'देवी' में काजोल के साथ स्क्रीन शेयर कर चुकीं शिवानी ने उन्हें शानदार कलाकार बताया। उन्होंने कहाकि काजोल की सबसे खास बात यह है कि वह कैमरे के सामने आते ही अपने किरदार में पूरी तरह ढल जाती हैं। ऑफ-स्क्रीन जहां वह हंसी-मजाककरती नजर आती हैं, वहीं कैमरा चालू होते ही उनकी अदाकारी का एक अलग ही रूप देखने को मिलता है। शिवानी की मानें तो काजोल की यही खूबी उन्हें दूसरे कलाकारों से अलग बनाती है।
काजोल के साथ बिताए पलों को याद करते हुए शिवानी ने बताया कि सीनियर एक्ट्रेस के अंदर आज भी एक बच्चे जैसी जिज्ञासा और ताजगीबरकरार है। वह सेट पर लोगों के साथ खूब हंसती-बोलती हैं और अपने आसपास का माहौल खुशनुमा बनाए रखती हैं। शिवानी के मुताबिक, काजोलकी यह चंचलता उनकी स्क्रीन प्रेजेंस में भी दिखाई देती है। उन्होंने यह भी कहा कि काजोल के चेहरे पर भाव इतनी सहजता से आते हैं कि उन्हेंइमोशनल सीन करने के लिए ग्लिसरीन की जरूरत तक नहीं पड़ती। उनके एक्सप्रेशन इतने स्वाभाविक हैं कि दर्शक आसानी से किरदार की भावनाओंसे जुड़ जाते हैं। शिवानी के लिए इतने अनुभवी कलाकार के साथ काम करना अपने आप में सीखने वाला अनुभव रहा।
बातचीत के दौरान शिवानी ने फिल्म इंडस्ट्री में टाइपकास्टिंग यानी कलाकारों को बार-बार एक जैसे किरदारों में देखे जाने की समस्या पर भी अपनीराय रखी। उन्होंने बताया कि जब कोई एक्टर किसी खास भूमिका में शानदार प्रदर्शन करता है, तो दर्शक और कास्टिंग डायरेक्टर उसे उसी छवि मेंदेखने लगते हैं। इसके बाद उस कलाकार के लिए बिल्कुल अलग तरह के किरदार हासिल करना मुश्किल हो सकता है। शिवानी ने माना कि उन्होंनेखुद अब तक इस समस्या का ज्यादा सामना नहीं किया है, क्योंकि उनके निभाए किरदार एक-दूसरे से काफी अलग रहे हैं। हालांकि, उनका मानना हैकि एक दमदार परफॉर्मेंस कभी-कभी कलाकार की पहचान को एक ही किरदार तक सीमित कर देती है।
शिवानी ने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी कलाकार को केवल उसके पर्दे पर निभाए गए किरदार से नहीं आंकना चाहिए। उन्होंने समझाया किजब कास्टिंग डायरेक्टर किसी अभिनेता को निजी तौर पर नहीं जानते, तो अक्सर उनकी पहली धारणा स्क्रीन पर दिखने वाले किरदार के आधार परबनती है। ऐसे में कलाकार के लिए अपनी छवि बदलना आसान नहीं होता। हालांकि, शिवानी का मानना है कि अगर कोई अभिनेता अच्छा कामकरता है, तो उसे अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाने का मौका मिलना चाहिए। शिवानी खुद 'तितली', 'मेड इन हेवन', 'रात अकेली है', 'मर्डर इनमाहिम' और 'दुपहिया' जैसे प्रोजेक्ट्स में अलग-अलग अंदाज दिखा चुकी हैं। उनके मुताबिक, एक कलाकार की असली खूबी यही है कि वह हर बारदर्शकों के सामने कुछ नया लेकर आए।
गौरतलब है कि 'देवी' का निर्देशन प्रियंका बनर्जी ने किया है। इस सस्पेंस ड्रामा में काजोल और शिवानी रघुवंशी के अलावा श्रुति हासन, नेहा धूपिया, नीना कुलकर्णी, मुक्ता बर्वे और यशस्विनी दायमा सहित कई अभिनेत्रियां नजर आई हैं। फिल्म नौ महिलाओं की कहानी बयां करती है, जोअलग-अलग सामाजिक पृष्ठभूमि से आती हैं, लेकिन परिस्थितियां उन्हें एक साथ ला खड़ा करती हैं। शोषण से जुड़े उनके अनुभवों के जरिए कहानीकई गंभीर पहलुओं को सामने लाती है। काजोल की अदाकारी पर शिवानी की तारीफ ने एक बार फिर इस बात को रेखांकित किया है कि किसीकलाकार की असली पहचान सिर्फ उसकी लोकप्रियता नहीं, बल्कि अपने किरदार को पर्दे पर जीवंत करने की क्षमता होती है।