ताजा खबर

नाना पाटेकर को याद कर भावुक हुए शाहरुख खान, बोले- 'हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना'

Photo Source :

Posted On:Friday, October 9, 2026

बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर को भावुक श्रद्धांजलि देते हुए उनके साथ जुड़ी कुछ खास यादें शेयर की हैं। शाहरुख के लिए नाना सिर्फ एक शानदार कलाकार नहीं, बल्कि मेंटर, शिक्षक, आलोचक और दोस्त भी थे। उनके निधन के बाद शाहरुख ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा संदेश लिखा, जिसने दोनों के रिश्ते की गहराई को सामने ला दिया। इस श्रद्धांजलि में नाना की बेबाकी, उनका मजाकिया अंदाज और अपनेपन से भरा व्यक्तित्व नजर आया। शाहरुख ने बताया कि नाना की बातें अक्सर सीधी होती थीं, लेकिन उनमें जिंदगी और अभिनय को लेकर बड़ी सीख छिपी रहती थी।

अपनी पहली मुलाकात का किस्सा सुनाते हुए शाहरुख ने बताया कि नाना के सामने वह सम्मान और घबराहट के कारण अपने बाल ठीक करने लगे थे। लेकिन नाना को उनका यह अंदाज पसंद नहीं आया। उन्होंने शाहरुख का हाथ हटाते हुए कहा, 'हीरो की तरह बाल मत बना... तू एक्टर है!' नाना की यह बात शाहरुख के दिल में ऐसी बैठी कि सालों बाद भी वह इसे याद करते हैं। शाहरुख ने बताया कि नाना कभी किसी की झूठी तारीफ नहीं करते थे और न ही वही कहते थे, जो सामने वाला सुनना चाहता था। वह जरूरत पड़ने पर खरी-खरी सुनाते थे। उनकी यही साफगोई उन्हें दूसरों से अलग बनाती थी।

शाहरुख ने नाना के प्यार जताने के अनोखे अंदाज का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि नाना कभी-कभी बातचीत की शुरुआत डांटने से करते थे, लेकिन कुछ ही देर में उनके व्यवहार के पीछे छिपा स्नेह समझ आने लगता था। शाहरुख के मुताबिक, नाना का प्यार दिखाने का तरीका थोड़ा अलग था। वह पहले नाराज होते, फिर अपनी बात कहते और आखिर में एहसास करा देते कि सामने वाले के लिए उनके दिल में कितनी जगह है। शाहरुख ने अपने संदेश में यह भी कहा कि नाना उनसे प्यार करते थे और वह भी नाना को बेहद चाहते थे। दोनों के बीच का यह रिश्ता औपचारिकता से कहीं आगे था।

दोनों कलाकारों के बीच सिर्फ गंभीर बातचीत ही नहीं होती थी, बल्कि खूब हंसी-मजाक और दोस्ताना मुकाबला भी चलता था। शाहरुख ने याद किया कि नाना पाटेकर कैरम खेलने में माहिर थे और उन्हें बार-बार हरा देते थे। अपनी जीत का जश्न मनाने का उनका अंदाज भी कुछ ऐसा था कि आसपास मौजूद लोग हंसे बिना नहीं रह पाते थे। शाहरुख ने अफसोस जताया कि काश उन्हें नाना के साथ कुछ और बातचीत करने, बहस करने, चाय पीने और कैरम का एक आखिरी मुकाबला खेलने का मौका मिलता। उनके इन शब्दों से साफ झलकता है कि नाना का जाना उनके लिए सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री के एक दिग्गज को खोना नहीं, बल्कि एक करीबी इंसान से बिछड़ना भी है।

अपनी श्रद्धांजलि के आखिर में शाहरुख ने नाना की उस सीख को दोहराया, जो उनके लिए हमेशा खास रहेगी- 'हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना।' यह बात नाना की अभिनय के प्रति सोच को बयां करती है, जहां बाहरी दिखावे से ज्यादा किरदार और कला की अहमियत है। शाहरुख ने नाना की हंसी, उनके जोश, उनकी बेबाकी और उनके प्यार को याद करते हुए उन्हें एक बेहतरीन अभिनेता और कैरम का अजेय खिलाड़ी बताया। उन्होंने दुआ की कि नाना की आत्मा को शांति मिले। शाहरुख की यह भावुक विदाई बताती है कि कुछ लोग अपनी फिल्मों से ही नहीं, बल्कि अपनी सीख, दोस्ती और व्यक्तित्व से भी लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन जाते हैं।

Check Out The Post:-


आगरा और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. agravocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.