रिहायशी बस्तियों, बाजारों या जंगलों के किनारे पेड़ों पर प्राइमेट्स दिखना आम बात है, लेकिन अधिकतर लोग हर ऐसे जानवर को सिर्फ 'बंदर' कहकर बुलाते हैं। यद्यपि जैविक रूप से लंगूर भी बंदरों के परिवार का ही हिस्सा हैं, लेकिन बोलचाल में बंदर शब्द आमतौर पर 'मकाक' (लाल मुंह वाले रीसस बंदर) के लिए इस्तेमाल होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बंदर और लंगूर के शारीरिक बनावट, खानपान और बर्ताव में कई बड़े फर्क होते हैं।
दोनों को पहचानने के आसान तरीके
डीसीसी एनिमल हॉस्पिटल एंड पेटकेयर (गुरुग्राम) के पशु चिकित्सा निदेशक डॉ. विनोद शर्मा के अनुसार, शारीरिक विशेषताओं पर ध्यान देकर दोनों को आसानी से पहचाना जा सकता है:
- चेहरा और रंग रूप: बंदरों का चेहरा आमतौर पर हल्का गुलाबी या भूरे रंग का होता है और शरीर पर भूरे बाल होते हैं। इसके विपरीत लंगूर का चेहरा बिल्कुल काला और शरीर पर हल्के ग्रे (सलेटी) रंग के बाल होते हैं।
- शारीरिक कद-काठी: बंदर का शरीर छोटा, गठीला और मजबूत होता है, जबकि लंगूर अपेक्षाकृत लंबे, छरहरे और पतले शरीर वाले होते हैं।
- अंग और पूंछ: बंदरों के हाथ-पैर और पूंछ शरीर के अनुपात में छोटे होते हैं। वहीं लंगूरों के हाथ-पैर काफी लंबे होते हैं और उनकी पूंछ भी बहुत लंबी होती है।
खानपान और स्वभाव का फर्क
आहार: बंदर अवसरवादी और सर्वभक्षी होते हैं। वे फलों और बीजों के अलावा इंसानी बस्तियों में फेंका गया खाना, कूड़ेदान की चीजें और अन्य खाद्य पदार्थ आसानी से खाते हैं। इसके उलट, लंगूर मुख्य रूप से शाकाहारी होते हैं; उनकी खुराक में पेड़ की पत्तियां, कोंपलें, टहनियां, फूल, फल और घास शामिल हैं।
व्यवहार: बंदर इंसानी आबादी के अभ्यस्त हो चुके हैं और भोजन छीनने या खाने की तलाश में आक्रामक रुख अपना सकते हैं। दूसरी ओर, लंगूर तुलनात्मक रूप से शांत, सतर्क और इंसानी भीड़ से दूर ऊंचे पेड़ों पर समय बिताना पसंद करते हैं।
आमना-सामना होने पर क्या करें और क्या न करें?
विशेषज्ञों का कहना है कि घर या आसपास बंदर या लंगूर के दिखने पर अनावश्यक छेड़छाड़ से बचें:
- दूरी बनाए रखें और शांत रहें: जानवर को देखकर चिल्लाएं या पत्थर न मारें। उसे वहां से निकलने का साफ रास्ता दें।
- आंखों में घूरने से बचें: प्राइमेट्स की आंखों में सीधे देखना उनके लिए आक्रामकता या चुनौती का संकेत होता है। बहुत पास जाकर फोटो खींचने या छूने की कोशिश न करें।
- खाने की सामग्री छिपाएं: हाथ में पकड़े प्लास्टिक बैग या खाने-पीने की चीजों को तुरंत सुरक्षित करें। उन्हें सीधे हाथ से खाना न खिलाएं।
- बच्चों और पालतू जानवरों को बचाएं: विशेष रूप से छोटे बच्चे वाली मादा बंदर/लंगूर के पास जाने या उन्हें घेरने की भूल न करें।
- काटने या खरोंचने पर तुरंत कदम उठाएं: यदि बंदर या लंगूर काट ले या खरोंच दे, तो घाव को तुरंत बहते पानी और साबुन से धोएं और बिना समय गंवाए रेबीज व टिटनेस से बचाव के लिए अस्पताल जाएं।