क्या है पूरा मामला?
घटना मंगलवार शाम करीब 6:50 बजे की है, जब मक्का के पास एक संदिग्ध ड्रोन को हवा में इंटरसेप्ट किया गया। सऊदी के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने जानकारी दी है कि इस ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही हवा में मार गिराया गया, जिससे यह पवित्र स्थल तक नहीं पहुंच सका।
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सऊदी की चेतावनी: सऊदी सैन्य गठबंधन ने इस्लाम के पवित्र तीर्थ स्थलों और तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा को 'रेड लाइन' करार दिया है और हूती विद्रोहियों को इसके खिलाफ कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी है।
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हूती विद्रोहियों का पक्ष: हूती विद्रोहियों की समाचार एजेंसी SABA के मुताबिक, यह ड्रोन उनकी तरफ से लॉन्च नहीं किया गया था। उनका कहना है कि उनके निशाने पर मक्का या अन्य पवित्र स्थल नहीं, बल्कि सऊदी के सैन्य ठिकाने और तेल बुनियादी ढांचे (Oil Infrastructure) हैं।
OIC (इस्लामी सहयोग संगठन) की कड़ी प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद अरब जगत और कई इस्लामिक देशों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। OIC (Organization of Islamic Cooperation) ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि मक्का और मदीना जैसे पवित्र स्थलों पर हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि पवित्र जगहों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता और ऐसे हमलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
(नोट: OIC में 57 मुस्लिम देश शामिल हैं और यह संयुक्त राष्ट्र के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा अंतर-सरकारी संगठन है, जो मुस्लिम दुनिया के हितों की रक्षा करता है।)