संसदीय समिति की रिपोर्ट के मुख्य बिंदु और आंकड़े
संसद में पेश की गई इस महत्वपूर्ण रिपोर्ट में यूपीआई के बढ़ते दायरे और इसकी आर्थिक स्थिरता को लेकर निम्नलिखित अनुमान जताए गए हैं:
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बढ़ते ट्रांजैक्शन: रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में यूपीआई पर हर महीने 15 हजार करोड़ ट्रांजैक्शन होने का अनुमान है।
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नए यूजर्स: देश में लगभग 60 करोड़ नए यूजर्स के इससे जुड़ने की संभावना जताई गई है।
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आत्मनिर्भर रेवेन्यू मॉडल: समिति ने स्पष्ट रूप से सिफारिश की थी कि यूपीआई के लिए एक ऐसा आत्मनिर्भर और स्वतंत्र राजस्व मॉडल तैयार किया जाना चाहिए, जो इसे वित्तीय रूप से मजबूत और टिकाऊ बना सके।
सरकार के फैसले के पीछे की रणनीति
मार्च 2026 में पेश की गई इस संसदीय रिपोर्ट में वित्त मंत्रालय को एक ऐसी व्यवस्था बनाने की सलाह दी गई थी, जिससे सरकार के वित्तीय खजाने पर बार-बार दबाव न पड़े। इसी दिशा में कदम उठाते हुए बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने का निर्णय लिया गया है ताकि पेमेंट गेटवे, बैंकों और फिनटेक कंपनियों को भी कामकाज जारी रखने के लिए सही प्रोत्साहन मिल सके और संपूर्ण डिजिटल पेमेंट ढांचा लंबे समय तक बिना रुकावट के चल सके।