भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में गुरुवार, 24 सितंबर 2026 का दिन अत्यधिक उतार-चढ़ाव और अप्रत्याशित गतिविधियों के लिए दर्ज हो गया। बीमा नियामक IRDAI द्वारा इंश्योरेंस एग्रीगेटरों और एजेंटों के कमीशन पर सख्त सीमा (Cap) तय करने के प्रस्ताव की खबर आते ही फिनटेक दिग्गज PB Fintech (पॉलिसीबाज़ार) के शेयरों में भूचाल आ गया। 8 जुलाई के बाद दलाल स्ट्रीट में एक दिन की सबसे बड़ी बिकवाली देखने को मिली, जिसमें सेंसेक्स 1,247 अंक लुढ़ककर 73,580 पर और निफ्टी 383 अंक गिरकर 23,063 के स्तर पर बंद हुआ।
पॉलिसीबाज़ार का शेयर कारोबार के दौरान 35.98 प्रतिशत की ऐतिहासिक गिरावट के साथ ₹1,207 पर बंद हुआ, जिससे कंपनी का बाजार पूंजीकरण (Market Cap) ₹30,000 करोड़ से अधिक घट गया। एफ़एंडओ (F&O) सेगमेंट में फिक्स्ड लोअर सर्किट न होकर डायनेमिक प्राइस बैंड होने के कारण बिकवाली का दौर बिना रुके चलता रहा। इस अभूतपूर्व गिरावट का असर डेरिवेटिव्स मार्केट पर पड़ा, जहां 1300 स्ट्राइक प्राइस का पुट ऑप्शन (Put Option), जो एक दिन पहले महज 5 पैसे पर ट्रेड कर रहा था, छलांग लगाकर ₹114.90 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
बाजार विशेषज्ञों ने इस घटनाक्रम को एक दुर्लभ 'ब्लैक स्वान' (Black Swan) इवेंट करार दिया है। विश्लेषकों के अनुसार, IRDAI द्वारा हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पेआउट्स पर 15 से 25 प्रतिशत तक की सीमा लगाने के प्रस्ताव से कंपनी के भविष्य के राजस्व मॉडल पर सीधा असर पड़ेगा। एक्सपर्ट्स ने खुदरा निवेशकों को अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाले ऑप्शंस ट्रेडिंग के जोखिमों के प्रति आगाह किया है।