यह महत्वपूर्ण निर्णय मुख्यमंत्री भगवंत मान और विभिन्न कर्मचारी एवं पेंशनभोगी संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच चंडीगढ़ में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद लिया गया। इस बैठक में कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और बलजीत कौर, मुख्य सचिव केएपी सिन्हा, सचिव सामान्य प्रशासन केके यादव सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
हड़ताल और बैठकों के बाद बनी सहमति
बैठक के बाद 'पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रियल सर्विसेज यूनियन' के अध्यक्ष गुरनाम सिंह विर्क ने जानकारी दी कि बढ़ा हुआ डीए 1 अक्टूबर से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने कर्मचारियों के अन्य मुद्दों पर भी जल्द चर्चा करने का आश्वासन दिया है।
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क्यों शुरू हुआ था गतिरोध? यह विवाद 27 अगस्त को तब शुरू हुआ था जब 3 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों (मुख्य रूप से 18 फीसदी बकाया डीए जारी करने) को लेकर सामूहिक आकस्मिक अवकाश लिया था और राज्यव्यापी हड़ताल पर चले गए थे।
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कर्मचारियों का दबाव: इस हड़ताल के जरिए कर्मचारियों ने सरकार पर अपनी विभिन्न मांगों को स्वीकार करने का भारी दबाव बनाया था, जिसके बाद सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है।