शेयरों में तेजी के दो मुख्य कारण
बाजार के जानकारों के अनुसार, टाटा ग्रुप के शेयरों में इस गहमागहमी के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं:
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चेयरमैन का कार्यकाल बढ़ना: टाटा सन्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का कार्यकाल अगले 5 साल के लिए बढ़ाया जाना, जो निवेशकों के बीच सकारात्मक संदेश देता है।
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आरबीआई के निर्देशानुसार लिस्टिंग: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों के अनुपालन के तहत टाटा सन्स के बोर्ड का शेयर बाजार में लिस्टिंग के लिए सहमत होना।
विशेषज्ञों का मानना है कि चेयरमैन का कार्यकाल बढ़ना एक भावनात्मक पहलू है, लेकिन टाटा सन्स की संभावित लिस्टिंग का सीधा असर कंपनी के एसेट और वैल्यूएशन पर पड़ेगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा उन कंपनियों को मिलेगा जिनके पास टाटा सन्स में हिस्सेदारी (Cross-holdings) है।
किन कंपनियों को मिल सकता है सबसे ज्यादा फायदा?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, टाटा सन्स की इस ऐतिहासिक लिस्टिंग का फायदा ग्रुप की सभी कंपनियों को एक समान नहीं मिलेगा, बल्कि कुछ चुनिंदा होल्डिंग कंपनियों और शेयरधारकों को इसका सबसे बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।