भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने देश में स्वास्थ्य और मोटर बीमा पॉलिसी को अधिक किफायती बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी मसौदा प्रस्ताव जारी किया है। नए प्रस्तावों के तहत इरडा ने मध्यस्थों और कार डीलरों के भारी-भरकम कमीशन पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। वर्तमान व्यवस्था में हेल्थ इंश्योरेंस के पहले साल का डिस्ट्रीब्यूटर कमीशन 40 प्रतिशत तक था, जिसे घटाकर 15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं पॉलिसी रिन्यूअल के समय मिलने वाले कमीशन को भी सीमित कर दिया गया है, जिससे प्रीमियम की दरों में सीधी गिरावट आने की संभावना है।
मोटर इंश्योरेंस क्षेत्र में कार शोरूमों और डीलरों की मनमानी रोकने के लिए भी कड़े कदम उठाए गए हैं। वित्त वर्ष 2025 में मोटर बीमा के कुल 29,000 करोड़ रुपये में से 7,050 करोड़ रुपये कमीशन में चले गए थे। नए ड्राफ्ट के अनुसार कार डीलरों का अधिकतम कमीशन 15 प्रतिशत तय किया जाएगा। साथ ही, डीलरों को शोरूम में 'बीमा सुगम पोर्टल' का क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य होगा, ताकि ग्राहक बिना किसी मध्यस्थ के सीधे थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस खरीद सकें।
इसके अतिरिक्त, बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा होम या कार लोन के साथ अनचाही बीमा पॉलिसियों की जबरन बिक्री (मिस-सेलिंग) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। इरडा ने इस मसौदे पर 25 अक्टूबर तक सभी हितधारकों और आम जनता से सुझाव मांगे हैं। इस नियम के लागू होने से बिचौलियों के अत्यधिक मुनाफे पर रोक लगेगी और बचत का सीधा लाभ आम पॉलिसीधारकों की जेब तक पहुंचेगा।